Bihar Intermediate Admission Selection Process 2026: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट एडमिशन की चयन प्रक्रिया कैसे होती हैं? यहाँ समझे सबकुछ

Bihar Intermediate Admission Selection Process: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा संचालित OFSS पोर्टल के माध्यम से आयोजित होने वाली कक्षा 11 की प्रवेश प्रक्रिया, केवल एक तकनीकी प्रक्रिया मात्र नहीं है; बल्कि यह पूरी तरह से योग्यता और पारदर्शी नियमों पर आधारित है।

हर साल, मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद लाखों छात्र इंटरमीडिएट स्तर पर प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं; लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बिहार बोर्ड यह कैसे तय करता है कि किस छात्र को कौन सा कॉलेज आवंटित किया जाएगा? इस लेख में, हम बिहार बोर्ड की चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की विस्तार से समीक्षा करेंगे।

Bihar Intermediate Admission Selection Process 2026

Stepप्रक्रिया का नामक्या करना होगा?
पहला चरणऑनलाइन रजिस्ट्रेशनofssbihar.net पर जाकर रोल कोड और रोल नंबर से अपनी डिटेल्स भरें।
दूसरा चरणकॉलेज का विकल्प चुननाकम से कम 10 और अधिकतम 20 कॉलेजों की लिस्ट अपनी पसंद के अनुसार चुनें।
तीसरा चरणआवेदन शुल्क भुगतान₹350 का शुल्क ऑनलाइन जमा करें, तभी फॉर्म स्वीकार होगा।
चौथा चरणमेरिट लिस्ट का इंतज़ारबोर्ड आपके नंबरों और कैटेगरी के आधार पर First Merit List जारी करेगा।
पाँचवा चरणइंटीमेशन लेटर डाउनलोडअगर आपका चयन हो जाता है, तो पोर्टल से अपना ‘Selection Letter’ डाउनलोड करें।
छठा चरणकॉलेज में रिपोर्टिंगआवंटित कॉलेज में जाकर अपने ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और फीस जमा करें।
सातवाँ चरणस्लाइड-अप (Optional)अगर पसंद का कॉलेज नहीं मिला, तो एडमिशन लेने के बाद Slide-up के लिए अप्लाई करें।
आठवां चरणनामांकन की पुष्टिकॉलेज द्वारा पोर्टल पर आपकी डिटेल्स अपडेट होते ही आपका एडमिशन फाइनल हो जाएगा।

कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) और डेटा एकत्रीकरण

चयन प्रक्रिया की शुरुआत ‘कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म’ (CAF) भरने से होती है। जैसे ही छात्र अपना फॉर्म सबमिट करते हैं, उनका सारा डेटा बोर्ड के मुख्य सर्वर पर सुरक्षित हो जाता है। चयन प्रक्रिया के लिए बोर्ड छात्र के मैट्रिक (10वीं) में प्राप्त अंकों, उसकी श्रेणी (SC/ST/OBC/EWS), और उसके द्वारा चुने गए कॉलेज विकल्पों का विश्लेषण करता है। यह एक ऑटोमेटेड सिस्टम है, जहाँ मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर होता है।

मेरिट लिस्ट तैयार करने का आधार

बिहार बोर्ड किसी भी कॉलेज के लिए ‘फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व’ (पहले आओ, पहले पाओ) का नियम नहीं अपनाता। इसके बजाय, यह ‘मेरिट-कम-ऑप्शन’ (Merit-cum-Option) प्रणाली पर काम करता है:

  • अंक (Marks): छात्र के मैट्रिक के कुल अंक और उन विषयों में अंक जिन्हें वे इंटर में चुनना चाहते हैं, मेरिट सूची का मुख्य आधार होते हैं।
  • कॉलेज विकल्प (Options): छात्र द्वारा दी गई प्राथमिकता सूची (1 से 20 तक के विकल्प) सबसे महत्वपूर्ण होती है। सिस्टम सबसे पहले छात्र की पहली पसंद के कॉलेज में सीट खाली है या नहीं, यह जांचता है।
  • आरक्षण (Reservation): बोर्ड सरकारी नियमों के अनुसार सामाजिक आरक्षण (SC 16%, ST 1%, EBC 18%, BC 12%, WBC 3%, EWS 10%) का सख्ती से पालन करता है। हर कॉलेज में इन श्रेणियों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं।

चयन सूचियां (Selection Lists) और इंटीमेशन लेटर

बोर्ड एक बार में नामांकन नहीं करता, बल्कि चरणों में चयन सूचियां जारी करता है:

  • प्रथम चयन सूची (1st Selection List): यह सूची सबसे अधिक कट-ऑफ के साथ जारी होती है। जिन छात्रों का नाम इसमें आता है, उन्हें ‘इंटीमेशन लेटर’ (Intimation Letter) डाउनलोड करना होता है।
  • द्वितीय और तृतीय सूची (2nd & 3rd Selection List): यदि सीटें खाली रहती हैं, तो बोर्ड बची हुई सीटों के लिए दूसरी और तीसरी सूची निकालता है।
  • स्लाइड-अप (Slide-Up) प्रक्रिया: यदि किसी छात्र को उसकी पहली पसंद का कॉलेज नहीं मिलता, तो वह ‘स्लाइड-अप’ का विकल्प चुन सकता है। इसमें वह नामांकन लेने के बाद भी उच्च वरीयता वाले कॉलेज के लिए दावेदारी कर सकता है।

Bihar Board 11th Class Admission Apply 2026 Process

आवेदक द्वारा ऑनलाईन आवेदन देने के बाद Online Facilitation System for Students (OFSS) सॉफ्टवेयर सभी आवेदनों को प्रक्रिया में लाकर चयन सूची को अंतिम रूप देगा। चयन सूची को निम्नांकित बिन्दुओं के आधार पर तैयार किया जाता है:-

  • +2 विद्यालयों/महाविद्यालयों में 11वीं कक्षा में नामांकन हेतु उपलब्ध सीट की संकायवार संख्या।
  • विद्यार्थियों द्वारा OFSS Portal पर किये गये ऑनलाईन आवेदन में भरे गये संस्थान/संकाय का विकल्प।
  • विद्यार्थियों के कक्षा 10वीं का प्राप्तांक।
  • आरक्षण संबंधी राज्य सरकार के प्रभावी प्रावधान।
  • वैसे संस्थानों में, जहाँ 12वीं की पढ़ाई के साथ 10वीं की पढ़ाई भी होती है, वैसे संस्थानों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों ने यदि 12वीं की पढ़ाई हेतु विकल्पों में अपने विद्यालय (जहाँ से उन्होंने 10वीं की कक्षा उत्तीर्ण की है), का विकल्प दिया है, तो ऐसे मामलों में उन विद्यार्थियों को राज्य सरकार के निर्णयानुसार अपने मूल संस्थान में नामांकन हेतु प्राथमिकता दी गयी है, अर्थात्‌ यदि उनको अपने मूल संस्थान से ऊपर का विकल्प नामांकन हेतु प्राथमिकता सूची में नहीं मिलता है, तो उनका चयन अपने मूल विद्यालय में नामांकन हेतु किया जायेगा। उदाहरणस्वरूप अगर किसी विद्यार्थी ने अपने विद्यालय का विकल्प, जहाँ से उन्होंने 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, को छट्ठे स्थान पर दिया है और उनका चयन उनके मेघा एवं आरक्षण के आधार पर आठवें नम्बर के विकल्प में होता है, तो उस परिस्थिति में उन्हें छट्ठे नम्बर के अपने मूल संस्थान में नामांकन के लिये चयनित किया जायेगा, परन्तु अगर ऐसे विद्यार्थी का चयन त्तीसरे विकल्प (जो छट्ठे विकल्प से ऊपर है) के संस्थान हेतु होता है, तो उस स्थिति में उनका चयन तीसरे विकल्‍प में दिये गये संस्थान में नामांकन के लिये चयनित किया जायेगा किन्तु महाविद्यालय /संस्थान के लिये यह प्रावधान उनकी अधिकतम स्वीकृत सीमा के अन्तर्गत ही अनुमान्य है। अर्थात्‌ यदि किसी संस्थान में अधिकतम स्वीकृत सीट संख्या (आरक्षण श्रेणीवार) से अधिक उसी संस्थान में विद्यार्थियों ने इण्टर में नामांकन के लिये आवेदन दिया है तो वैसी स्थिति में आरक्षण श्रेणीवार मेधा सूची में ऊपर से अधिकतम सीट क्षमता के अनुसार ही उस संस्थान में प्राथमिकता के आधार पर इस प्रथम सूची में नामांकन किया जायेगा। शेष विद्यार्थियों (जो आरक्षण श्रेणीवार मेधा सूची में नीचे हैं) को वह संस्थान नहीं दिया जायेगा, बल्कि उनके द्वारा भरे गये विकल्पों के आधार पर उनको अन्य संस्थान आवंटित किया जायेगा।
  • कस्तूरबा गाँधी छात्रावास से सम्बद्ध शिक्षण संस्थान जहाँ 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ 10वीं की पढ़ाई भी होती है, वैसे संस्थानों से दसवीं उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं को बिहार सरकार के निर्णायानुसार उसी शिक्षण संस्थान में 11वीं कक्षा में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • यह भी सूचित किया जाता है कि बिहार राज्य में 90 संस्थानों में व्यावसायिक ट्रेड की पढ़ाई होती है। इस वर्ष से उन 90 संस्थानों के अतिरिक्त 32 संस्थान, जिसकी सूची नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से आप चेक कर सकते है, में दो ट्रेड आवंटित किये गये हैं। उन दो ट्रेडों में से 01 ट्रेड का चयन 25 छात्रों के लिए अनिवार्य है। दूसरे शब्दों में, यदि कोई विज्ञान संकाय या कला संकाय या वाणिज्य संकाय में अपना नामांकन कराना चाहता है तो उसे अपने विषय के अतिरिक्त दो ट्रेडों में से एक ट्रेड का चयन करना अनिवार्य है।

अब हम आपको OFSS के पद्धति के तहत नामांकन के लिए चयन सूची किस प्रकार जारी की जायेगी, के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, अगर आपके मन में इससे जुडी कोई शंका हो तो यहां से इस आर्टिकल को पूरी पढ़ें। सबसे पहले आपको बता दें की, ऑनलाईन आवेदन में छात्रों द्वारा दिये गये विकल्पों के आधार पर OFSS नामांकन सूची जारी करेगा।

OFSS बिहार 11वीं नामांकन चयन प्रक्रिया

आवेदक द्वारा ऑनलाईन आवेदन देने के बाद OFSS (Online Facilitation System For Student) सॉफ्टवेयर सभी आवेदनों को प्रक्रिया में लाकर चयन सूची को अंतिम रूप देगा। यह चयन सूची सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों के लिए आवेदक के मेरिट एवं उनके द्वारा चयनित विकल्प के प्राथमिकता के आधार पर होगा। चयन सूची प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रकाशित की जायेगी। वेबसाइट पर चयन सूची उपलब्ध रहेगी और साथ ही साथ चुने गये आवेदक को उनके चुने जाने से सम्बन्धित पत्र (BSEB Intimation Letter) उपलब्ध रहेगा।

मोबाइल पर जब आवेदक को अपने नामांकन के लिये चुने जाने से सम्बन्धित सूचना मिल जाय तो वेबसाइट पर जाकर वह अपने चुने जाने से सम्बधित पत्र को डाउनलोड कर उसका प्रिंट ले सकता है और सम्बन्धित विद्यालय / महाविद्यालय में अपना नामांकन करवा सकता है। मान लिया जाय कि आवेदक ने 11 महाविद्यालयों में नामांकन के लिए विकल्प दिया है और आवेदक के द्वारा दिये गये विकल्पों के आधार पर उसे चुन लिया जाता है तो उसके द्वारा दिये गये निचले विकल्प में उसका नामांकन नहीं हो सकता है। उदाहरण स्वरूप अगर आवेदक ने 11 विकल्प दिये हैं और प्रथम चयन सूची में उसे तीसरी प्राथमिकता के विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिए चुना गया है तो वह चौथी से लेकर 11वीं प्राथमिकता वाले विकल्प में नामांकन नहीं ले सकता है।

नामांकन के लिए चुने जाने पर आवेदक को सूचना देने की प्रक्रिया

आवेदक अगर चाहे तो किसी विद्यालय /महाविद्यालय में अपने नामांकन के लिए चुने जाने से संबंधित पत्र (Intimation Letter) को OFSS (Online Facilitation System For Student) के वेबसाइट www.ofssbihar.net 2025 से डाउनलोड कर सकता है। नामांकन के विभिन्‍न चरणों में चुने गये आवेदक को उनके चुने जाने से संबंधित सूचना विभिन्‍न माध्यमों से दी जायेगी।

ये माध्यम निम्नलिखित हैं:-

  • SMS
  • E-Mail
  • वेबसाइट www.ofssbihar.net
  • उस विद्यालय /महाविद्यालय का सूचना पट्‌ट जिस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिए आवेदक को चुना गया है।

कृपया ध्यान दें, डाक के द्वारा कोई भी सूचना नहीं दी जायेगी। छात्र को सलाह दी जाती है की नियमित रूप से अद्यतन सूचना के लिए वे www.ofssbihar.net वेबसाइट को देखते रहें।

मेरिट चयन सूची में नाम आने के बाद छात्र अपना नामांकन कैसे करा सकते हैं?

  • आवेदक को सूचना पत्र (Bihar Intimation Letter) में उल्लेख किये गये निर्धारित तिथि और समय पर जाकर सम्बन्धित विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन कराना होगा।
  • आवेदक को सम्बन्धित विद्यालय / महाविद्यालय में जाँच के लिये मूल अभिलेखों को ले जाना होगा। उन्हें निर्धारित नामांकन शुल्क जमा करना होगा। यह शुल्क नगद या बैंक ड्राफ्ट के रूप में हो सकता है, जो विद्यालय /महाविद्यालय के काउंटर पर जमा किये जा सकते हैं।
  • आवेदक को नामांकन के समय पासपोर्ट साईज के रंगीन फोटो एवं अन्य प्रमाण पत्र जमा करने होंगे।
  • आवेदक को यह सलाह दी जाती है कि वे नामांकन के सम्बन्ध में विद्यालय / महाविद्यालय से भी जानकारी प्राप्त करें।
  • अगर आवेदक उच्च प्राथमिकता वाले विद्यालय /महाविद्यालय में नामांकन कराने का इच्छुक है तो वे द्वितीय एवं तृतीय चयन सूची के जारी होने का इंतजार कर सकते है, परन्तु उन्हें उस विद्यालय/महाविद्यालय में नामांकन लेना ही होगा जिस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिए उनको चुना गया है

अगर आवेदक का नाम उसके द्वारा दिये गये प्राथमिकता वाले विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये चयन सूची में आ जाता है तो वह सम्बन्धित विद्यालय महाविद्यालय में नामांकन ले सकता है। सम्बन्धित विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये उन्हें ऊपर बताएं गए निम्न बातों का ध्यान रखना है।

बिहार इंटर कक्षा नामांकन के लिए जाँच सूची:-

  • मूल प्रमाण पत्र
  • कुल शुल्क
  • पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो

निम्नलिखित मूल अभिलेख विद्यालय / महाविद्यालय द्वारा आवेदक को नहीं लौटाया जायेगा:-

  • उस विद्यालय का परित्याग प्रमाण पत्र जहाँ से उसने पिछली परीक्षा उतीर्ण की है।
  • उस संस्थान का चरित्र प्रमाण पत्र जहाँ से उसने पिछली परीक्षा उतीर्ण की है।
  • माइग्रेशन प्रमाण पत्र (अगर कोई है) जहाँ से उसने पिछली परीक्षा उतीर्ण की है।

नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आवेदक को विद्यालय महाविद्यालय द्वारा निम्नलिखित मूल दस्तावेज वापस किये जाने हैं:-

  • 10वीं बोर्ड परीक्षा का अंक पत्र और उसी परीक्षा का उतीर्णता प्रमाण पत्र।
  • 10वीं बोर्ड परीक्षा का मूल प्रमाण पत्र।
  • आरक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र, यदि कोई हो तो।

उपर्युक्त अभिलेख के अलावा हो सकता है कि सम्बन्धित विद्यालय महाविद्यालय नामांकन के लिए कुछ और अभिलेखों की माँग करें। आवेदकों को सलाह दी जाती है की नामांकन हेतु उपर्युक्त अभिलेखों के अलावा विद्यालय महाविद्यालय द्वारा मांग किये गये अभिलखों की जानकारी के लिये वे विद्यालय / महाविद्यालय से सम्पर्क करें।

उच्च प्राथमिकता वाले विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन कैसे करायें? (सलाइड-अप विकल्प)

विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये अगर चयन सूची जारी हो जाती है और आवेदक नामांकन के लिये चुन लिया जाता है तो चुने हुये आवेदक को सम्बन्धित विद्यालय महाविद्यालय में नामांकन कराना होगा। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि नामांकन की तिथि और अन्य औपचारिकताओं के लिए उन्हें सम्बन्धित विद्यालय / महाविद्यालय से सम्पर्क करना चाहिये और नामांकन की प्रक्रिया से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिये। अगर चुने हुए आवेदक नामांकन नहीं लेते हैं तो वर्तमान सत्र में उनका नाम OFSS System से हटा दिया जायेगा और वर्तमान सत्र में आगे जो मेरिट लिस्ट जारी की जायेगी उसमें भी उनका नाम नहीं रहेगा

अतः चुने हुये आवेदक के लिये आवश्यक है कि जिस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये उनका नाम आ चुका है, तो वे उस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन करा लें। ऐसा होने पर द्वितीय एवं तृतीय मेरिट लिस्ट जारी होने पर वे उस विद्यालय / महाविद्यालय में भी नामांकन ले सकेंगे जिसके लिये उन्होंने नामांकन हेतु उच्च प्राथमिकता दी है। अगर कोई आवेदक निचली प्राथमिकता वाले विकल्‍प के लिये चुना जाता है तो उसे उस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन अवश्य करा लेना चाहिये,ताकि उसके मामले को चयन प्रक्रिया के दौरान स्‍लाइड-अप का उपयोग किया जा सके और उस पर विचार किया जा सके। अगर ऐसे आवेदक निचले विकल्प वाले विद्यालय / महाविद्यालय में चुने जाने पर नामांकन नहीं लेते हैं तो सलाइड-अप के जरिये उनके मामले पर विचार नहीं किया जायेगा।

अगर आवेदक प्रथम चरण में निचली प्राथमिकता वाले विद्यालय / महाविद्यालय में चुने जाने पर संतुष्ट नहीं हैं, औरवे चाहते है कि स्‍लाइड-अप प्रक्रिया के तहत उन्हें उच्च प्राथमिकता वाले विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये चुना जाय तो उन्हें दूसरे चरण में लॉग-इन कर वेबसाइट पर सुनिश्चित करना होगा, ताकि उनके मामले को अगामी नामांकन प्रक्रिया के दौरान उस पर विचार किया जा सके। यह प्रक्रिया स्लाइड अप विकल्प कही जाती है।ध्यान रखा जाय की स्लाइड अप विकल्प चुनने के लिये यह आवश्यक है की आवेदक को उस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन लेना होगा जिस विद्यालय / महाविद्यालय में नामांकन के लिये उसका नाम मेरिट लिस्ट में आया है

स्व-संस्थान प्राथमिकता (Own School Preference)

चयन प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण नियम ‘स्व-संस्थान प्राथमिकता’ का है। यदि कोई छात्र उसी स्कूल से 10वीं पास है जहाँ वह 11वीं में जाना चाहता है, तो उसे बाहरी छात्रों की तुलना में पहले सीट आवंटित की जाती है। इस नियम का लाभ उठाने के लिए छात्रों को अपनी वरीयता सूची में अपने पुराने स्कूल को सबसे ऊपर रखना पड़ता है। कई बार कम अंक वाले छात्रों का भी अपने पुराने स्कूल में चयन हो जाता है, जबकि अधिक अंक वाले बाहरी छात्र पीछे रह जाते हैं।

OFSS Inter Admission 2026 Selection Process

  • प्राथमिकता (Priority): आपके द्वारा चुने गए 1 नंबर के कॉलेज को सिस्टम सबसे पहले चेक करता है।
  • आरक्षण (Reservation): आपकी जाति (SC/ST/OBC/EWS) के अनुसार आरक्षित सीटों पर पहले विचार होता है।
  • स्व-संस्थान (Self-School): अगर आप उसी स्कूल में अप्लाई कर रहे हैं जहाँ से 10वीं पास की है, तो आपको सबसे पहले जगह मिलेगी।

ध्यान रखना, अगर पहली लिस्ट में नाम आ गया और आपने एडमिशन नहीं लिया, तो आपका नाम सिस्टम से हटा दिया जाएगा और आप अगली लिस्ट से बाहर हो जाएंगे!

Md Ali

Md Ali

Founder, OFSS.in • Since 2018

Educational consultant specializing in Bihar Board updates and university admissions. Providing verified career resources for 8+ years.

2 thoughts on “Bihar Intermediate Admission Selection Process 2026: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट एडमिशन की चयन प्रक्रिया कैसे होती हैं? यहाँ समझे सबकुछ”

Leave a Comment